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दरअसल मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो, मोदी सरकार सरकारी एजेंसियों के बीच कम्युनिकेशन के लिए एक ऐप लॉन्च करना चाह रही है, जिसमें ई-मेल और मैसेजिंग की सुविधा हो।
दरअसल इसका इस्तेमाल शुरुआती दौर में सरकारी संचार के लिए होगा, हालांकि बाद में इसके सफल होने पर आम आदमी के लिए भी ऐप को पेश किया जाएगा।
किस तरह काम करता है वॉट्सऐप
अब मोदी सरकार वॉट्सऐप की तरह खुद का एक ऐप लॉन्च करने की तैयारी में है. जी हां, आपने सही पढ़ा. दरअसल अमेरिका ने अपने देश में चीनी कंपनी हुवावे को जासूसी के आरोप में बैन कर दिया।इससे भारत सरकार भी सजग हो गई है। दरअसल सरकार ने फैसला किया कि कम्युनिकेशन के लिए क्यों ना कोई ऐसा ऐप हम भी लॉन्च करें, जिसका डेटा भारत में ही स्टोर हो।

दरअसल मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो, मोदी सरकार सरकारी एजेंसियों के बीच कम्युनिकेशन के लिए एक ऐप लॉन्च करना चाह रही है, जिसमें ई-मेल और मैसेजिंग की सुविधा हो।
इस मामले से जुड़े एक अधिकारी ने कहा कि इस बात को लेकर चर्चा हो रही है कि हमारे पास आधिकारिक संचार के लिए सुरक्षित और स्वदेशी रूप से विकसित नेटवर्क होना चाहिए ताकि इससे हमें व्हाट्सअप जैसा सरकारी ऐप बनाने में मदद मिल सके।
दरअसल इसका इस्तेमाल शुरुआती दौर में सरकारी संचार के लिए होगा, हालांकि बाद में इसके सफल होने पर आम आदमी के लिए भी ऐप को पेश किया जाएगा।
किस तरह काम करता है वॉट्सऐप
वॉट्सऐप एक इस्टेंट मैसेजिंग ऐप है, जो यूज़र्स को मैसेज, वीडियो कॉल, वॉयस कॉल, फोटो, वीडियो ऐक्सेस करने की सुविधा देता है. दरअसल वॉट्सऐप का कहना है कि सिक्योरिटी के तौर पर ऐप पर भेजा गया हर मैसेज एंड-टू-एंड इंक्रिप्डेट ( यानी कि End-to-End encryption) है।
दरअसल इसका मतलब वॉट्सऐप को हर चैट के मैसेजेज़ कोड होकर दिखाई देते हैं और उन्हें डिकोड (Decode) यानी की पढ़ा नहीं जा सकता है।
इस बारे में सरकार ने तभी सोचना शुरु किया, जब अमेरिका ने हुवावे को जासूसी के आरोप में अपने देश में बैन कर दिया।
दरअसल इसका मतलब वॉट्सऐप को हर चैट के मैसेजेज़ कोड होकर दिखाई देते हैं और उन्हें डिकोड (Decode) यानी की पढ़ा नहीं जा सकता है।
इस बारे में सरकार ने तभी सोचना शुरु किया, जब अमेरिका ने हुवावे को जासूसी के आरोप में अपने देश में बैन कर दिया।
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