दिल्ली के जाकिर नगर आग लगने से , 6 की मौत और 10 घायल

अग्निशमन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि सोमवार देर रात लगभग 2.30 बजे जाकिर नगर में आग लगने की सूचना मिली। इसके बाद दमकल की आठ गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। उन्होंने बताया कि आग पर काबू पा लिया गया है।
पुलिस के अनुसार मरने वालों में दो पुरुष, दो महिलाएं और दो बच्चे शामिल हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि इस चार मंजिला इमारत में कुल 13 फ्लैट थे। आग बिजली के मीटर बोर्ड से फैली थी। आग इतनी भयानक थी कि पार्किंग में खड़ी सात कार और आठ बाइक भी जलकर खाक हो गई।उन्होंने बताया कि आग में झुलसे लोगों को उपचार के लिए होली फैमिली अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मानहानि के केस में राहुल गांधी को मिली जमानत।
नई दिल्ली:
मानहानि के मामले में कांग्रेस नेता राहुल गाँधी को बेल मिल गई है। बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने राहुल गांधी पर मानहानि का मामला दायर किया है। जिसके लिए वो शनिवार को पटना की अदालत में पेश हुए थे। राहुल गांधी को 10-10 हजार रुपए के दो निजी मुचलके पर जमानत मिली है।
जमानत मिलने के बाद राहुल गांधी ने कहा, जो भी आरएसएस या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विचारधारा के खिलाफ खड़ा होता है उस पर हमला किया जाता है। उसके ऊपर मुकदमे दर्ज कर दिए जाते हैं। मेरी लड़ाई संविधान को बचाने की है। गरीब लोगों और किसानों के साथ खड़े रहने की है।
राहुल गांधी ने चुनावी रैली में 'सभी चोरों के उपनाम मोदी क्यों है' कहा था। उनका इशारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बैंक धोखाधड़ी आरोपी नीरव मोदी और आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी की ओर था। बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने इस टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए अप्रैल में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में यह मामला दायर किया था। मामले को सीजेएम शशिकांत रॉय ने एसीजेएम कुमार गुंजन के पास भेज दिया था।
राहुल गांधी ने शनिवार को कोर्ट में पेश होने से पहले विरोधियों पर बेवजह परेशान करने का आरोप लगाते हुए शनिवार को ट्वीट कर लिखा, 'मैं आज दोपहर 2 बजे पटना सिविल कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश होऊंगा। मेरे राजनीतिक विरोधियों आरएसएस और बीजेपी ने मुझे परेशान करने और डराने के लिए मेरे खिलाफ पटना में एक और मामला दर्ज किया है।
अटल पेंशन योजना की पेंशन रकम को बढ़ा सकती है सरकार, संसद में वित्त मंत्री ने दी ये जानकारी

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धनराशि के आधार पर 60 साल के बाद एक निश्चित रकम पेंशन के तौर पर उपलब्ध कराने की गारंटी देती है। इस योजना का लाभ लेने के लिए आपकी उम्र 18 साल से 40 साल के बीच होनी चाहिए। साथ ही इस योजना में एक हजार रुपए से लेकर पांच हजार रुपए तक के बीच मासिक पेंशन की गारंटी मिलती है लेकिन यह धनराशि कस्टमर के अंशदान पर निर्भर करता है, जिसका लाभ उठाने के लिए आपको न्यूनतम 42 रुपए महीने का अंशदान करना होगा।
सब्सक्राइबर की मौत पर जीवन साथी को मासिक पेंशन अटल पेंशन योजना का सबसे पॅाजिटिव पहलू यह है कि इसके सब्सक्राइबर की असमय मौत हो जाने पर जीवन साथी को मासिक पेंशन मिलती है. इसके अलावा सब्सक्राइबर और जीवन साथी की मृत्यु पर नॉमिनी को 8.5 लाख रुपए की एकमुश्त रकम भी मिलती है।
कोर्ट में हाथ जोड़कर रोयी हनीप्रीत, पुलिस ने मांगी है 14 दिन की हिरासत!!
राष्ट्रद्रोह और हिंसा भड़काने की आरोपी हनीप्रीत को गिरफ्तार करने के बाद हरियाणा पुलिस आज उसे पंचकूला कोर्ट में पेश कर रही है. उसे थाने से कोर्ट ले जाया गया है. कोर्ट में हनीप्रीत हाथ जोड़कर रो रही है. दोनों पक्षों के वकील कोर्ट रूम में बहस कर रहे हैं. पुलिस उसकी 14 दिन की हिरासत चाहती है. हनीप्रीत को पंजाब से गिरफ्तार किया गया था.

जानकारी के मुताबिक, भारी सुरक्षा बंदोबस्त के बीच पंचकूला सेक्टर 23 की चंडी मंडी थाने से पुलिस हनीप्रीत को लेकर कोर्ट पहुंची. थाने से कोर्ट पहुंचने में करीब 6-7 मिनट का समय लगा. इस दौरान कोर्ट सहित पूरे शहर में सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं. पुलिस द्वारा पूछताछ में हनीप्रीत कुछ सवालों के जवाब दिए हैं, लेकिन अभी पूछताछ बाकी है.
इससे पहले 38 दिन से सारी दुनिया की नज़रों से ओझल रही हनीप्रीत हवालात के सख्त फर्श पर रातभर चैन से सो भी नहीं सकी है. सारी रात उसे याद आता रहा सुनारिया जेल में बंद राम रहीम और सताता रहा अपने अंजाम का खौफ. 25 अगस्त से पहले राजरानी जैसे ऐशो-आराम की जिंदगी गुज़ारने वाली राम रहीम की हनीप्रीत कानून से छिपती दर-दर भटकती रही.
हनीप्रीत को उसकी एक महिला साथी के साथ मंगलवार की दोपहर 3 बजे पुलिस ने पकड़ा. इसके बाद पुलिस हनीप्रीत और उस महिला को करीब 4 बजे पंचकूला के सेक्टर-23 में बने चंडी मंदिर थाने लाई. करीब एक घंटा कागज़ी कार्यवाही के बाद हनीप्रीत से पूछताछ शुरू हुई. पहले राउंड की ये पूछताछ करीब 2 घंटे चली. इसके बाद उसका हवालात से सामना हुआ.
इससे पहले 38 दिन से सारी दुनिया की नज़रों से ओझल रही हनीप्रीत हवालात के सख्त फर्श पर रातभर चैन से सो भी नहीं सकी है. सारी रात उसे याद आता रहा सुनारिया जेल में बंद राम रहीम और सताता रहा अपने अंजाम का खौफ. 25 अगस्त से पहले राजरानी जैसे ऐशो-आराम की जिंदगी गुज़ारने वाली राम रहीम की हनीप्रीत कानून से छिपती दर-दर भटकती रही.
हनीप्रीत को उसकी एक महिला साथी के साथ मंगलवार की दोपहर 3 बजे पुलिस ने पकड़ा. इसके बाद पुलिस हनीप्रीत और उस महिला को करीब 4 बजे पंचकूला के सेक्टर-23 में बने चंडी मंदिर थाने लाई. करीब एक घंटा कागज़ी कार्यवाही के बाद हनीप्रीत से पूछताछ शुरू हुई. पहले राउंड की ये पूछताछ करीब 2 घंटे चली. इसके बाद उसका हवालात से सामना हुआ.
कोर्ट में हनीप्रीत से पूछे गए ये सवाल
- पिछले 38 दिन से वो कहां छिपी थी?
- 25 अगस्त को रोहतक की सुनारिया जेल से लौटने के बाद वो कहां गई?
- 25 अगस्त की रात से लेकर 3 अक्टूबर तक वो कहां-कहां गई?
- इस दौरान किस-किस ने उसकी मदद की थी?
- डेरा समर्थकों की हिंसा में उसकी क्या भूमिका थी?
- क्या राम रहीम को जेल पहुंचने से पहले ही भगाने की योजना थी?
- राम रहीम को भगाने के लिए क्या योजना बनाई गई थी?
- हनीप्रीत से सवाल हुआ कि 25 अगस्त को इतने हजारों डेरा समर्थक क्यों जुटे थे?
- डेरा समर्थकों को किसने और किसलिए बुलाया था?
- अबतक फरार चल रहे आदित्य इंसां और पवन इंसा के बारे में हनीप्रीत को क्या जानकारी है?
- पंचकूला में दंगा करवाने के लिए कितने रुपए भेजे गए?
- पंचकूला हिंसा में अहम रोल किनका था?
- हिंसा करवाने में राम रहीम का क्या रोल है?
- डेरे की 45 मेंबर कमेटी में शामिल लोगों का क्या रोल था?
राम रहीम के सारे गुनाहों के राज
हनीप्रीत से सवाल-जवाब का सिलसिला मंगलवार की देर रात तक जारी रहा. इसके बाद हनीप्रीत ने रात थाने के हवालात में ही काटी. कई सवालों का जवाब देने से हनीप्रीत अभी बच रही है. उनके जवाब हासिल करने के लिए पुलिस उसे रिमांड पर ले रही है. हनीप्रीत के सीने में राम रहीम के सारे गुनाहों के राज दफन हैं. उसके पास ही उसे बचाने वाले हमदर्दों के राज भी हैं.
डिप्रेशन में चली गई थी हनीप्रीत
हनीप्रीत ने कहा था कि राम रहीम के जेल जाने के बाद वह डिप्रेशन में चली गई थी. उसे कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि वह क्या करे. उसे लोगों ने जैसा बताया उसने वही किया. उसे कोर्ट पर पूरा भरोसा है. वह न्याय के लिए हरियाणा-पंजाब हाईकोर्ट जाएगी. लेकिन इससे पहले की वो हाई कोर्ट में जाकर सरेंडर करे, पुलिस ने उसे धर दबोचा था.
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फरीदाबाद के माॅल में बड़े सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, 5 लड़के 9 लडकियां गिरफ्तार
हरियाणा : फरीदाबाद: दिल्ली एनसीआर के बड़े बड़े शॉपिंग मालों में बड़े बड़े लोगों का आना जाना लगा रहता है, आने जाने वालों पर कोई शक नहीं करता जिसका कुछ फायदा उठा रहे हैं और ऐसे मालों में आये दिन जिस्मफरोशी के अड्डों का फर्दाफाश होता रहता है। फरीदाबाद के ऐसे कई शॉपिंग माल फरीदाबाद पुलिस के निशाने पर हैं खासकर वो माल जिनमे मसाज सेंटर चलाये जा रहे हैं। कल रात्रि फरीदाबाद पुलिस को एक बड़ी कामयाबी उस समय मिली जब सेक्टर 20 के मैनहट्टन शॉपिंग माल में पुलिस ने एक बड़ा सेक्स रैकेट पकड़ा। डीसीपी एनआईटी आस्था मोदी ने इस रैकेट को भंडाफोड़ करने की कमान संभाली और क्राइम ब्रांच बड़खल के प्रभारी इंस्पेक्टर विमल कुमार और महिला पुलिस इंस्पेक्टर इंदू बाला और उनकी टीमों ने डीसीपी का सहयोग किया। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक़ इस रैकेट में कुछ 14 लोग गिरफ्तार किये गए हैं जिनमे 9 महिलायें एवं 5 पुरुष शामिल हैं। पकडे गए लोगों के नाम पते इस प्रकार हैं। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले की मूल निवासी खुशबू पुत्री भगवान् सिंह जो इस समय फतेपुर चंदीला में रहती थी। रूबी पुत्री भगवान् सिंह का पता भी सेम है और निशु पुत्री उमेश प्रशाद बिहार के गया जिले की है जो फरीदाबाद के फतेपुर चंदीला में ही रहती है। नूरी अंजुम खान पुत्री राशिद खान नागपुर महाराष्ट्र की मूल रूप से निवासी है लेकिन वर्तमान में फरीदाबाद के सेक्टर 23 संजय कालोनी में रहती है। प्राची पुत्री राधा कृष्णा सेक्टर 31 फरीदाबाद की है और रोशनी पुत्री सोनू मीठापुर जैतपुर दिल्ली की है। सलीमा पुत्री आफताब पह्लादपुर दिल्ली की है जबकि अंजली पुत्री अजय फरीदाबाद के फतेपुर चंदीला की हे है। मुस्कान पुत्री नजर हुसैन मौजपुर इलाहाबाद उत्तर प्रदेश की रहने वाली है।
पकडे गए युवकों में राजीव पुत्र सुरेंद्र संजय कालोनी फरीदाबाद का है जबकि विशाल पुत्र पोपसिंह भरतपुर राजस्थान का है। गजेंद्र पुत्र थानसिंह प्याला, बल्लबगढ़ फरीदाबाद का है जबकि बाबे पुत्र निरंजन शाहपुर बल्लबगढ़ का है। प्रदीप पुत्र रंगलाल राजीव कालोनी बल्लबगढ़ का है। पुलिस ने इन सभी के ऊपर मामला कल रात्रि ही दर्ज कर लिया था। वास्तविक तस्वीर कुछ देर बाद। फरीदाबाद के वीडिओ में मैनहटन मोल से पुलिस ने हिरासत में लिए हैं पुलिस के अनुसार यह सभी लडकिया पिछले कई महीनों से मॉल के अंदर ही मसाज पार्लर चला रही थी लेकिन मसाज पार्लर तो सिर्फ नाम कथा यह सभी लड़कियां मसाज पार्लर की आड़ में जिस्मफरोशी के गोरखधंधे को चला रही थी इस पूरी कार्रवाई में पुलिस ने 9 लड़कियों को हिरासत में लिया है और इनके साथ आपत्तिजनक हालत में मिले 5 लड़कों को भी गिरफ्तार कर लिया फिलहाल पुलिस ने सब के खिलाफ मामला दर्ज कर इनके और साथियों की तलाश शुरू कर दी है| हालांकि अभी पुलिस की गिरफ्त में मसाज पार्लर के मालिक नहीं आ पाए हैं।
पकडे गए युवकों में राजीव पुत्र सुरेंद्र संजय कालोनी फरीदाबाद का है जबकि विशाल पुत्र पोपसिंह भरतपुर राजस्थान का है। गजेंद्र पुत्र थानसिंह प्याला, बल्लबगढ़ फरीदाबाद का है जबकि बाबे पुत्र निरंजन शाहपुर बल्लबगढ़ का है। प्रदीप पुत्र रंगलाल राजीव कालोनी बल्लबगढ़ का है। पुलिस ने इन सभी के ऊपर मामला कल रात्रि ही दर्ज कर लिया था। वास्तविक तस्वीर कुछ देर बाद। फरीदाबाद के वीडिओ में मैनहटन मोल से पुलिस ने हिरासत में लिए हैं पुलिस के अनुसार यह सभी लडकिया पिछले कई महीनों से मॉल के अंदर ही मसाज पार्लर चला रही थी लेकिन मसाज पार्लर तो सिर्फ नाम कथा यह सभी लड़कियां मसाज पार्लर की आड़ में जिस्मफरोशी के गोरखधंधे को चला रही थी इस पूरी कार्रवाई में पुलिस ने 9 लड़कियों को हिरासत में लिया है और इनके साथ आपत्तिजनक हालत में मिले 5 लड़कों को भी गिरफ्तार कर लिया फिलहाल पुलिस ने सब के खिलाफ मामला दर्ज कर इनके और साथियों की तलाश शुरू कर दी है| हालांकि अभी पुलिस की गिरफ्त में मसाज पार्लर के मालिक नहीं आ पाए हैं।
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मेट्रो का किराया बढ़ाने पर अड़ा डीएमआरसी, केजरीवाल ने किया विरोध!!
दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन (डीएमआरसी) किराया बढ़ाने जा रहा है
मेट्रो के प्रस्तावित किराया वृद्धि को लेकर डीएमआरसी और दिल्ली सरकार में तकरार बढ़ गई है. दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत द्वारा डीएमआरसी के प्रमुख मंगू सिंह को तलब करने के बाद भी मेट्रो किराया बढ़ाने पर अड़ा है.
इस वृद्धि के साथ किराया लगभग दोगुना हो जाएगा. इसीलिए केजरीवाल सरकार इसे जनविरोधी कदम बता रही है. कुछ महीने पहले तक अधिकतम किराया 32 रुपए था, जो बढ़ाकर 50 रुपए कर दिया गया था. अब 10 अक्टूबर से ये 60 रुपए हो जाएगा.
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने परिवहन मंत्री से कहा है कि वह मेट्रो किराया वृद्धि के प्रस्ताव को वापस लेने के विकल्पों पर विचार करें. उधर, मंगू सिंह ने कहा है कि ‘उन्होंने परिवहन मंत्री को बता दिया है कि किराया कैसे तय किया गया है. फिलहाल तो ये है कि किराया बढ़ाया जाएगा.’
मेट्रो से सफर करने वालों का कहना है कि एक तरफ सरकार सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की बात कर रही है तो दूसरी ओर किराया बढ़ाते जा रही है. जबकि डीएमआरसी का कहना है कि किराया एक कमेटी तय करती है जो जनता से भी राय लेती है. ऐसे में सवाल ये है कि जनता में से वह कौन लोग हैं जिन्होंने किराया बढ़ाने की राय दी?
तीन सदस्यीय फेयर फिक्सेशन कमेटी दिल्ली मेट्रो का किराया तय करती है. इसका गठन केंद्रीय शहरी विकास विकास मंत्रालय ने किया हुआ है. इसमें दिल्ली सरकार का मुख्य सचिव, केंद्र का एक वरिष्ठ अधिकारी और एक रिटायर्ड जज सदस्य होते हैं.
यह जनता, सरकार और डीएमआरसी से सुझाव लेते हैं. इसके बाद कमेटी अपनी सिफारिशें डीएमआरसी बोर्ड में भेजती है. बोर्ड का चेयरमैन शहरी विकास मंत्रालय का सचिव होता है, वही किराये पर अंतिम फैसला लेता है.
डीएमआरसी के मुताबिक मेट्रो का नेटवर्क बढ़ने के साथ ही रखरखाव का खर्च भी बढ़ रहा है. वर्ष 2008-09 में ऑपरेशनल (परिचालन) खर्च कुल राजस्व का करीब 55 फीसदी था. जो 2016-17 में बढ़कर 74 फीसदी तक हो गया है. मतलब ये हुआ कि यदि दिल्ली मेट्रो एक लाख रुपए एकत्र करता है तो 74 हजार परिचालन पर खर्च हो जाता है.
बाकी पैसे से रखरखाव होता है और लोन चुकाया जाता है. 2008-09 में बिजली की कीमत 3.21 रुपए प्रति यूनिट थी जो अब बढ़कर 6.58 रुपए यूनिट हो गई है. इसी तरह पहले एक किलोमीटर की मरम्मत और रखरखाव का खर्च एक करोड़ रुपए था जो अब बढ़कर 3.13 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है. इन खर्चों की वजह से ही मेट्रो किराया बढ़ाने पर मजबूर है.
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मेट्रो के प्रस्तावित किराया वृद्धि को लेकर डीएमआरसी और दिल्ली सरकार में तकरार बढ़ गई है. दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत द्वारा डीएमआरसी के प्रमुख मंगू सिंह को तलब करने के बाद भी मेट्रो किराया बढ़ाने पर अड़ा है.
इस वृद्धि के साथ किराया लगभग दोगुना हो जाएगा. इसीलिए केजरीवाल सरकार इसे जनविरोधी कदम बता रही है. कुछ महीने पहले तक अधिकतम किराया 32 रुपए था, जो बढ़ाकर 50 रुपए कर दिया गया था. अब 10 अक्टूबर से ये 60 रुपए हो जाएगा.
दिल्ली के मुख्यमंत्री ने क्या कहा?
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने परिवहन मंत्री से कहा है कि वह मेट्रो किराया वृद्धि के प्रस्ताव को वापस लेने के विकल्पों पर विचार करें. उधर, मंगू सिंह ने कहा है कि ‘उन्होंने परिवहन मंत्री को बता दिया है कि किराया कैसे तय किया गया है. फिलहाल तो ये है कि किराया बढ़ाया जाएगा.’
मेट्रो में सफर करने वालों का क्या है कहना ?
मेट्रो से सफर करने वालों का कहना है कि एक तरफ सरकार सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की बात कर रही है तो दूसरी ओर किराया बढ़ाते जा रही है. जबकि डीएमआरसी का कहना है कि किराया एक कमेटी तय करती है जो जनता से भी राय लेती है. ऐसे में सवाल ये है कि जनता में से वह कौन लोग हैं जिन्होंने किराया बढ़ाने की राय दी?
तीन सदस्यीय कमेटी तय करती है किराया
तीन सदस्यीय फेयर फिक्सेशन कमेटी दिल्ली मेट्रो का किराया तय करती है. इसका गठन केंद्रीय शहरी विकास विकास मंत्रालय ने किया हुआ है. इसमें दिल्ली सरकार का मुख्य सचिव, केंद्र का एक वरिष्ठ अधिकारी और एक रिटायर्ड जज सदस्य होते हैं.
यह जनता, सरकार और डीएमआरसी से सुझाव लेते हैं. इसके बाद कमेटी अपनी सिफारिशें डीएमआरसी बोर्ड में भेजती है. बोर्ड का चेयरमैन शहरी विकास मंत्रालय का सचिव होता है, वही किराये पर अंतिम फैसला लेता है.
बढ़ा है ऑपरेशनल खर्च
डीएमआरसी के मुताबिक मेट्रो का नेटवर्क बढ़ने के साथ ही रखरखाव का खर्च भी बढ़ रहा है. वर्ष 2008-09 में ऑपरेशनल (परिचालन) खर्च कुल राजस्व का करीब 55 फीसदी था. जो 2016-17 में बढ़कर 74 फीसदी तक हो गया है. मतलब ये हुआ कि यदि दिल्ली मेट्रो एक लाख रुपए एकत्र करता है तो 74 हजार परिचालन पर खर्च हो जाता है.
बाकी पैसे से रखरखाव होता है और लोन चुकाया जाता है. 2008-09 में बिजली की कीमत 3.21 रुपए प्रति यूनिट थी जो अब बढ़कर 6.58 रुपए यूनिट हो गई है. इसी तरह पहले एक किलोमीटर की मरम्मत और रखरखाव का खर्च एक करोड़ रुपए था जो अब बढ़कर 3.13 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है. इन खर्चों की वजह से ही मेट्रो किराया बढ़ाने पर मजबूर है.
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